



आरपीएफ कंट्रोल रूम के बाहर बच्चे को गोद में लिए बैठा कमलजीत
झांसी उत्तर प्रदेश::वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन से एक बार फिर युवती के गायब हो जाने का मामला सामने आया है। धनबाद झारखंड से ट्रेन में सवार होकर विवाहिता झांसी पहुंची थी, यहां से उसे जालौन जिला में अपनी ससुराल में जाना था पत्नी को लेने उसका पति और बच्चा भी रेलवे स्टेशन पर आया था। स्टेशन पर जब पति ने फोन किया तो पत्नी ने बताया कि झांसी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 3 पर उसकी प्रतीक्षा कर रही है,जब पति प्लेटफार्म पर पहुंचा तो वहां पत्नी नहीं थी इस पर उसने स्टॉल संचालक से फोन मांग कर पत्नी को कॉल लगाया तो उसका मोबाइल बंद मिला।इसके बाद युवक ने पत्नी के अगवा होने की आशंका पर रेलवे पुलिस से संपर्क किया लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। पति के कहे अनुसार जिस स्थान पर पत्नी को होना चाहिए था वहाँ सीसीटीवी कैमरा भी नहीं है ऐसे में जब जीआरपी के लिए विवाहिता को ढूंढना और भी मुश्किल हो रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जालौन जिले के ग्राम उदूदपुरा का रहने वाला कमलजीत सिंह अपने परिवार के साथ गांव में रहकर खेती पर मजदूरी करता है।कमल जीत का विवाह 6 वर्ष पहले धनबाद जिले के मुरायडी न्यू कॉलोनी की पुष्पा कुमारी से हुआ था।दोनों का एक सवा साल का बेटा है,कमलजीत ने बताया धनबाद में उसकी साली का विवाह 28 अप्रैल को था। पिता की बीमारी के चलते वह शादी में नहीं गया और पत्नी को उसने 24 अप्रैल को विवाह में शामिल होने के लिए मायके भेज दिया था। सवा साल का बेटा पिता से ज्यादा जुड़ाव रखता है इसलिए बेटा पिता के पास जालौन में रह गया। उसके पिता की हालत खराब होने पर उसने पत्नी को वापस बुलाया था।बुधवार को पुष्पा से बात हुई तो वह हावड़ा ग्वालियर चंबल एक्सप्रेस के जनरल कोच में सवार होकर झांसी के लिए चल दी थी। उससे उसकी बात गुरुवार को हुई तो उसने बताया वह कुछ घंटे बाद झांसी पहुंच जाएगी। इसके बाद कमलजीत उसे लेने अपने बेटे के साथ झांसी रेलवे स्टेशन पहुंच गया लेकिन उसको उसकी पत्नी नहीं मिली, यहां पर उसने सीसीटीवी कैमरा की फुटेज में पत्नी को ढूंढने का प्रयास किया लेकिन ट्रेन का जनरल कोच जहां आया था वहां सीसीटीवी कैमरा कवर नहीं कर पा रहा था। 20 घंटे बाद भी पुष्पा का कोई सुराग नहीं लग सका। युवक की सूचना पर जीआरपी उसकी पत्नी की तलाश करने में जुटी हुई है।